सामग्री विकास


प्रस्तावना

सामग्री विकास विभाग की स्थापना मार्च 2003 में अखिल भारतीय वाक् श्रवण संस्थान  में एक सेवा विभाग के रूप में की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य जनता और पेशेवरों के लिए सामग्री विकसित करना है, जिसमें संचार विकारों की रोकथाम, पहचान और प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

साथ ही, यह विभाग संचार विकारों वाले व्यक्तियों के अधिकारों और कल्याण से जुड़ी उपलब्ध सुविधाओं के बारे में सार्वजनिक शिक्षा सामग्री विकसित करता है, और विभिन्न भाषाई पृष्ठभूमियों तक पहुँचने के लिए इसे भारत की विभिन्न भाषाओं में प्रसारित करता है।

विशेषज्ञों से जानकारी एकत्रित करके, विभाग सामग्री को विभिन्न माध्यमों के लिए अनुकूलित करता है, जिसमें पांफ्लेट, पुस्तिकाएँ, पुस्तकें, भित्तिचित्र, वीडियो और रेडियो कार्यक्रम शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, विभाग संचार विकार वाले व्यक्तियों और अन्य हितधारकों के लिए उपलब्ध थेरेपी या प्रशिक्षण संसाधनों को विकसित करने और उनकी प्रतियां तैयार करने में भी सहायता प्रदान करता है।”

लक्ष्य और उद्देश्य

सेवा विभाग होने के नाते, डीएमडी के ये प्रमुख उद्देश्य हैं:

  • संचार विकारों के क्षेत्र में शैक्षिक सामग्री का विकास करना।
  • मुद्रण और स्कैनिंग, ग्राफिक डिज़ाइन, फोटोग्राफी, वीडियो निर्माण, कॉपीराइटिंग और अनुवाद में उच्च गुणवत्ता और समयबद्ध सहायता प्रदान करना।

संकाय सदस्य / कर्मचारी

फ़ोटो नाम
डॉ प्रवीण कुमार
एसोसिएट प्रोफेसर और हेड- सामग्री विकास विभाग
Ph Off : 0821-2502587/2502859
Email: prawinaudiology@aiishmysore.in
डॉ. अमूल्य पी. राव
सहायक प्रोफेसर, वाक्‍ - भाषा दोष विभाग
Ph Off : 0821-2502510
Email: amulya@aiishmysore.in
सुश्री प्रत्यूषा पी.
कलाकार-सह-फोटोग्राफर
Ph Off : 2502858
Email: prathyusha@aiishmysore.in
 

गतिविधियां


•    संस्था की गतिविधियों को फ़ोटोग्राफ़ी और वीडियोग्राफी के माध्यम से दस्तावेज़ करना।
•    क्लिनिकल प्रशिक्षण और विभिन्न गतिविधियों का रिकॉर्ड रखना।
•    सामग्री का डिज़ाइन:
        •सार्वजनिक शिक्षा सामग्री (संचार विकारों पर जागरूकता हेतु)
        •प्रशिक्षण सामग्री सम्मेलन, कार्यशाला, सेमिनार के लिए
        •सहायक सामग्री विवरणिक , पांफ्लेट, पोस्टर, कवर पेज, पुस्तिकाएँ, आमंत्रण पत्र, प्रमाणपत्र, वार्षिक रिपोर्ट।
•    शैक्षिक सामग्री के लिए इन- (फ़्लायर और आमंत्रण सहित) आंतरिक मुद्रण और स्कैनिंग सेवाएं
•    विशेषज्ञ और लक्षित दर्शक के बीच सृजनात्मक एवं प्रभावी लेखन से पुल का निर्माण।
•    विभिन्न भारतीय भाषाओं में सार्वजनिक शिक्षा सामग्री का विकासविषय  विशेषज्ञों के सहयोग से|
•    सामग्री डिज़ाइन और विकास पर केंद्रित इनहाउस कार्यशालाओं का आयोजन।
•    मौजूदा शिक्षा और सार्वजनिक सामग्री का भारतीय भाषाओं में अनुवाद।
•    कर्मचारियों और छात्रों के लिए आईडी कार्ड मुद्रण की सुविधा (कार्मिक/)

विभाग में विकसित सामग्री के कुछ प्रमुख उदाहरण

  • संस्था के बारे में डिज़ाइन किया गया फ़्लायर
  • विभाग में डिज़ाइन किया गया प्रास्पेक्टस
  • संस्थान द्वारा प्रदान की जाने वाली क्लिनिकल सेवाओं पर डिज़ाइन किया गया विवरणिका
  • विभाग में विकसित की गई कुछ सार्वजनिक शिक्षा सामग्री
  • कुछ फ़ोटोग्राफ़ (मुख्य कार्यक्रमों जैसे डायमंड जुबिली, मुख्यमंत्री की यात्रा आदि के फ़ोटो
  • अनुवादित और कॉपीराइटिंग की गई सामग्री

विभागीय सुविधाएँ

  • फ़ोटोग्राफ़ी और वीडियोग्राफी उपकरण
  • चिकित्सा/प्रशिक्षण सामग्री की छपाई और फोटोकॉपी के लिए उपकरण
  • ग्राफिक डिज़ाइन के लिए सॉफ़्टवेयर
  • वीडियो रिकॉर्डिंग और सोशल मीडिया सामग्री निर्माण के लिए समर्पित रिकॉर्डिंग रूम
  • आईडी कार्ड मुद्रण के लिए उपकरण

आगामी परियोजनाऐं/विस्तार के क्षेत्र

  • विभिन्न संचार विकारों पर लघु वीडियो का निर्माण।
  • संस्थान की फ़ोटोग्राफ़ों का डिजिटल अभिलेखीकरण (1965 से), तथा नए कार्यक्रमों के अनुसार नियमित अद्यतन।
  • विभागीय कार्यों को सुव्यवस्थित करने हेतु  -वर्कऑर्डर  प्रणाली का कार्यान्वयन।
  • विभिन्न लक्षित समूहों के लिए उपयुक्त, संचार विकारों पर सार्वजनिक शिक्षा सामग्री का विकास संपर्क विवरण|

वर्क ऑर्डर फॉर्म

संपर्क विवरण

डॉ प्रवीण कुमार

एसोसिएट प्रोफेसर और हेड- सामग्री विकास विभाग

प्रमुख - डीएमडी
अखिल भारतीय वाक् एवं श्रवण संस्थान
मनसागंगोत्री
मैसूर - 570 006
कर्नाटक राज्य, भारत

   91-0821-2502587/2502859

   91-0821-2510515

   prawinaudiology@aiishmysore.in

 91-0821-2502856 /2858 /2859
dmd@aiishmysore.in

 कार्य समय: सुबह 09:00 बजे से शाम 5:30 बजे तक( IST)

   कार्य दिवस: सोमवार से शुक्रवार तक